सांवरिया सेठ का भंडार कब खुलता है? आखिरी बार कब खुला और कितना चढ़ावा आया
राजस्थान की पावन धरती पर स्थित श्री सांवलियाजी मंदिर, जिसे श्रद्धालु प्रेम से सांवरिया सेठ मंदिर भी कहते हैं, लाखों भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां दूर-दूर से श्रद्धालु भगवान सांवरिया सेठ के दर्शन करने आते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार धन, सोना, चांदी तथा अन्य वस्तुएं अर्पित करते हैं।
सांवरिया सेठ को मानने वाले अनेक भक्त उन्हें अपने परिवार का सदस्य और व्यापार में अपना भागीदार मानते हैं। यही वजह है कि मंदिर के भंडार में आने वाले चढ़ावे की चर्चा देशभर में होती है।
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सांवरिया सेठ का भंडार कब खुलता है?
श्री सांवलियाजी मंदिर का भंडार सामान्यतः हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को खोला जाता है। भंडार खोलने की प्रक्रिया मंदिर की धार्मिक परंपराओं के अनुसार होती है।
आमतौर पर सुबह राजभोग आरती के बाद भंडार खोला जाता है। इसके बाद मंदिर के पुजारी और संबंधित कर्मचारी दानपात्रों से प्राप्त राशि को निकालकर निर्धारित स्थान पर रखते हैं, जहां उसकी गिनती की जाती है।
भंडार में बड़ी मात्रा में नकदी आने के कारण गिनती का काम एक ही दिन में पूरा नहीं हो पाता। राशि की मात्रा के अनुसार इसमें कई दिन लग सकते हैं। गिनती के दौरान अलग-अलग चरणों में प्राप्त धनराशि का हिसाब रखा जाता है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि भंडार खोलने की तारीख और गिनती पूरी होने की तारीख अलग-अलग हो सकती हैं।
सांवरिया सेठ का भंडार आखिरी बार कब खुला?
अक्टूबर 2026 में श्री सांवलियाजी मंदिर का भंडार 9 अक्टूबर 2026 को खोला गया था। इसके बाद दानपात्रों में प्राप्त नकदी की गिनती पांच चरणों में की गई।
16 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित समाचार रिपोर्टों के अनुसार, गिनती पूरी होने के बाद मंदिर को प्राप्त कुल नकद चढ़ावे का आंकड़ा सामने आया। इस बार नकदी के साथ सोना, चांदी और 19 देशों की विदेशी मुद्रा भी प्राप्त हुई।
श्रद्धालुओं के लिए इस बार का चढ़ावा इसलिए भी चर्चा में रहा, क्योंकि केवल दानपात्रों से प्राप्त नकदी ही 23 करोड़ रुपये से अधिक थी।
सांवरिया सेठ के भंडार में कितना चढ़ावा आया?
9 अक्टूबर 2026 को खोले गए भंडार की गिनती पूरी होने के बाद मंदिर को विभिन्न माध्यमों से कुल 31 करोड़ 17 लाख 92 हजार 129 रुपये की नकद दानराशि प्राप्त हुई।
इसमें दानपात्रों से प्राप्त नकदी के साथ ऑनलाइन दान, मनीऑर्डर और अन्य माध्यमों से प्राप्त धनराशि भी शामिल थी।
चढ़ावे का विवरण इस प्रकार है:
चढ़ावे का माध्यम | प्राप्त राशि
मंदिर के दानपात्रों से नकदी- ₹23,58,44,818
ऑनलाइन, मनीऑर्डर और अन्य माध्यम - ₹7,59,47,311
कुल नकद चढ़ावा - ₹31,17,92,129
इस प्रकार मंदिर को कुल मिलाकर 31 करोड़ 17 लाख रुपये से अधिक की नकद दानराशि प्राप्त हुई।
यह आंकड़ा केवल नकद चढ़ावे का है। सोने और चांदी की भेंट इसमें अलग से शामिल है।
सांवरिया सेठ के मंदिर में कितना सोना और चांदी मिला?
भक्तों ने भगवान सांवरिया सेठ के चरणों में नकदी के साथ बहुमूल्य धातुएं भी अर्पित कीं।
अक्टूबर 2026 की चढ़ावे की गणना से संबंधित प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, मंदिर को लगभग 930 ग्राम सोना और 92 किलोग्राम से अधिक चांदी प्राप्त हुई।
सोने-चांदी की भेंट के पीछे श्रद्धालुओं की अपनी-अपनी आस्था और भावनाएं होती हैं। कुछ भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने पर भेंट अर्पित करते हैं, तो कुछ अपनी कमाई का एक हिस्सा भगवान के चरणों में समर्पित करते हैं।
मंदिर में प्राप्त इन वस्तुओं का वास्तविक मूल्य उनके वजन, शुद्धता और उस समय के बाजार भाव पर निर्भर करता है।
सांवरिया सेठ के भंडार में 19 देशों की करेंसी भी मिली
इस बार सांवरिया सेठ के भंडार से एक और खास जानकारी सामने आई। नकदी के अलावा 19 देशों की विदेशी मुद्रा भी प्राप्त हुई।
रिपोर्टों में अमेरिकी डॉलर और ब्रिटिश पाउंड सहित अलग-अलग देशों की करेंसी का उल्लेख किया गया है। यह दर्शाता है कि भगवान सांवरिया सेठ के प्रति श्रद्धा केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशों में रहने वाले भक्त भी अपनी आस्था के अनुसार भेंट अर्पित करते हैं।
विदेशी मुद्रा का मिलना इस बात का भी संकेत है कि मंदिर में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं।
सांवरिया सेठ के भंडार की गिनती कितने चरणों में हुई?
9 अक्टूबर 2026 को भंडार खोले जाने के बाद नकदी की गिनती पांच चरणों में पूरी हुई। प्रत्येक चरण में प्राप्त राशि को जोड़ते हुए अंतिम आंकड़ा तैयार किया गया।
प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, पांच चरणों में दानपात्रों से प्राप्त नकदी का विवरण इस प्रकार रहा:
गिनती का चरण | प्राप्त नकदी |
पहला चरण - ₹9,35,65,100
दूसरा चरण - ₹5,94,35,000
तीसरा चरण - ₹6,10,12,000
चौथा चरण - ₹1,74,10,000
पांचवां चरण - ₹44,22,718
कुल -₹23,58,44,818
इन पांच चरणों की गणना से दानपात्रों में प्राप्त नकदी का कुल आंकड़ा 23 करोड़ 58 लाख 44 हजार 818 रुपये रहा।
इसके बाद ऑनलाइन दान, मनीऑर्डर और अन्य माध्यमों से प्राप्त 7 करोड़ 59 लाख 47 हजार 311 रुपये को जोड़ने पर कुल नकद चढ़ावा 31 करोड़ 17 लाख 92 हजार 129 रुपये हो गया।
सांवरिया सेठ को व्यापारी अपना बिजनेस पार्टनर क्यों मानते हैं?
सांवरिया सेठ मंदिर की चर्चा व्यापार जगत में भी विशेष रूप से होती है। कई व्यापारी भगवान सांवरिया सेठ को अपना बिजनेस पार्टनर मानते हैं।
उनकी मान्यता होती है कि कारोबार में जो भी सफलता और लाभ मिलता है, उसमें भगवान का आशीर्वाद महत्वपूर्ण है। इसी भावना के साथ कुछ व्यापारी अपने मुनाफे का एक निश्चित हिस्सा भगवान के चरणों में अर्पित करते हैं।
कई भक्त व्यापार शुरू करने से पहले, नए काम की शुरुआत पर या किसी बड़ी सफलता के बाद सांवरिया सेठ के दर्शन करने आते हैं। वे अपनी कमाई का कुछ हिस्सा दान करके आभार व्यक्त करते हैं।
हालांकि हर श्रद्धालु की अपनी अलग परंपरा और मान्यता होती है। सभी भक्तों के लिए दान की कोई एक निर्धारित राशि या प्रतिशत नहीं है।
यही गहरी आस्था, समर्पण और विश्वास सांवरिया सेठ के दरबार को श्रद्धालुओं के लिए खास बनाते हैं।
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निष्कर्ष
सांवरिया सेठ का भंडार श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और समर्पण का प्रतीक है। अक्टूबर 2026 में 9 अक्टूबर को खोले गए भंडार की पांच चरणों में हुई गणना के बाद कुल नकद चढ़ावा 31 करोड़ 17 लाख 92 हजार 129 रुपये रहा। इसके अलावा मंदिर को लगभग 930 ग्राम सोना, 92 किलोग्राम से अधिक चांदी और 19 देशों की विदेशी मुद्रा भी प्राप्त हुई।
सांवरिया सेठ के भक्तों के लिए यह केवल चढ़ावे का आंकड़ा नहीं, बल्कि भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने की परंपरा का हिस्सा है।
यदि आप भी सांवरिया सेठ के दर्शन करने की योजना बना रहे हैं, तो यात्रा से जुड़ी जरूरी जानकारी प्राप्त करें और मंडफिया में ठहरने के लिए Stay Ji पर होटल के विकल्प देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. सांवरिया सेठ का भंडार कब खुलता है?
श्री सांवलियाजी मंदिर का भंडार सामान्यतः हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को राजभोग आरती के बाद खोला जाता है। तारीख और समय की पुष्टि के लिए मंदिर की आधिकारिक सूचना देखें।
2. सांवरिया सेठ का भंडार आखिरी बार कब खुला था?
अक्टूबर 2026 में सांवरिया सेठ का भंडार 9 अक्टूबर 2026 को खोला गया था।
3. सांवरिया सेठ के भंडार में कितना चढ़ावा आया?
अक्टूबर 2026 की गणना के अनुसार, मंदिर को विभिन्न माध्यमों से कुल ₹31,17,92,129 का नकद चढ़ावा प्राप्त हुआ।
4. सांवरिया सेठ के दानपात्र से कितनी नकदी मिली?
पांच चरणों में हुई गणना के दौरान दानपात्रों से कुल ₹23,58,44,818 की नकदी प्राप्त हुई।
5. सांवरिया सेठ मंदिर को ऑनलाइन और मनीऑर्डर से कितना दान मिला?
प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, ऑनलाइन, मनीऑर्डर और अन्य माध्यमों से कुल ₹7,59,47,311 की राशि प्राप्त हुई।
6. सांवरिया सेठ के मंदिर में कितना सोना और चांदी मिला?
अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों के अनुसार, मंदिर को लगभग 930 ग्राम सोना और 92 किलोग्राम से अधिक चांदी प्राप्त हुई।
7. सांवरिया सेठ के भंडार में कितने देशों की करेंसी मिली?
इस बार मंदिर के भंडार में 19 देशों की विदेशी मुद्रा प्राप्त होने की जानकारी सामने आई।
8. सांवरिया सेठ मंदिर कहां स्थित है?
श्री सांवलियाजी मंदिर राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया में स्थित है।
9. सांवरिया सेठ के भंडार की गिनती में कितने दिन लगते हैं?
गिनती में लगने वाला समय प्राप्त चढ़ावे की मात्रा और व्यवस्था पर निर्भर करता है। अक्टूबर 2026 में भंडार की नकदी की गिनती पांच चरणों में पूरी हुई।
10. सांवरिया सेठ मंदिर के पास होटल कैसे खोजें?
मंडफिया में मंदिर के आसपास ठहरने के विकल्प देखने के लिए Stay Ji पर होटल की लोकेशन, दूरी और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देख सकते हैं।
11. क्या सांवरिया सेठ को व्यापारी अपना बिजनेस पार्टनर मानते हैं?
हां, कई व्यापारी भगवान सांवरिया सेठ को अपना बिजनेस पार्टनर मानते हैं और कारोबार में लाभ होने पर अपनी श्रद्धा के अनुसार दान अर्पित करते हैं। यह उनकी व्यक्तिगत आस्था और परंपरा का हिस्सा है।
Published 19 October 2026
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